उत्तर कोरिया के खिलाफ एक ही राह पर अमरीका-जापान


वॉशिंगटनः उत्तर कोरिया से युद्ध  के हालात के चलते अमरीका व जापान एक ही राह पर चल रहे हैं। सनकी किंग से निपटने के लिए कड़े कदम उठाते अमरीका ने जहां सेना का बजट बढ़ाया है वहीं जापान ने भी अपने उत्तरी द्वीप होक्काइदो में एक अतिरिक्त मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात करने का फैसला किया है । अमरीका में सीनेट ने सर्वसम्मति से विधेयक पारित किया  गया जिसके तहत सेना को 700 अरब डॉलर का बजट और दिया जाएगा।  ईराक और अफगानिस्तान में दशकों से चल रहे युद्ध के दौरान अमरीकी सशस्त्र सेना को मिला यह सबसे बड़ा बजट है।

अमरीकी सीनेटरों ने 8 के मुकाबले 89 मतों से यह विधेयक पारित किया। इस विधेयक से सेना को एक अक्तूबर से शुरू हो रहे वित्त वर्ष में खर्च के लिए 700 अरब डॉलर का बजट और मिलेगा. इससे उत्तर कोरिया से बढ़ती शत्रुता के जवाब में अमरीका के मिसाइल रक्षा कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा। व्हाइट हाउस ने 1,215 पृष्ठों के विधेयक पर कई आपत्तियां जताई लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर वीटो की बात नहीं की।

इस विधेयक से उन्हें अमरीकी सेना को फिर से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी, जो उनके मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान लचर हो गई थी। एरिजोना से रिपब्लिकन सांसद जॉन मैक्केन और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा एजैंसियों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण में खामियों और उपकरणों को दुरुस्त करने के लिए धन के बिना सेना के युद्ध में कमजोर पड़ने का खतरा है।

जापान ने अपने उत्तरी द्वीप होक्काइदो में एक अतिरिक्त मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात  करने को लेकर यह कदम तब उठाया है जब कुछ दिन पहले उत्तर कोरिया ने एक मिसाइल दागी थी जो इसी द्वीप के ऊपर से होकर गुजरी थी।  जापानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता केनसाकू मिजुसेकी के अनुसार वे  होक्काइदो के दक्षिणी छोर पर देश की ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स के अड्डे पर दोपहर को पीएसी-3 प्रणाली तैनात कर रहे हैं।  स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, जापान ने होक्काइदो के एक अन्य हिस्से में पहले ही पैट्रियट एडवांस्ड कैपेबिलिटी-3 मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात कर रखी है।

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