NASA का नया मिशन, सूर्य पर भेजेगा एयरक्राफ्ट


नई दिल्ली: नासा सूरज के वातावरण के बारे में अध्ययन करना चाहता है। इसलिए नासा ने घोषणा की है कि वह धात्विक क्षुद्रग्रह ‘साइक’ पर निर्धारित कार्यक्रम से एक साल पहले अपना रोबोटिक अंतरिक्षयान भेजेगा। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि मिशन अब अधिक प्रभावी मार्ग अख्तियार करेगा और इस वजह से वह योजना से 4 वर्ष पहले यानी 2026 तक क्षुद्रग्रह पर पहुंच जाएगा। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा है कि सूरज की परिक्रमा करने वाला और मंगल एवं बृहस्पति ग्रहों के बीच में स्थित साइक लगभग पूरी तरह निकेल-लोहे से बना हुआ है। अमरीका की स्पेस सिस्टम्स लोरल (एसएसएल) साइक अंतरिक्षयान का निर्माण कर रही है। 

एयरक्राफ्ट के लिए तैयार की गई विशेष शील्ड
बताया जा रहा है कि 31 मई को 11:00 बजे आयोजित एक इवेंट में मिशन के बारे में एक नई जानकारी का खुलासा किया जा सकता है। इवेंट शिकागो के विलियम एखर्ड अनुसंधान केंद्र ऑडिटोरियम विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। ये इवेंट नासा टीवी पर लाइव दिखाया जाएगा।  सूर्य के वातावरण का पता लगाने के लिए जो एयरक्राफ्ट भेजा जाएगा, उसके लिए एक विशेष प्रकार की कार्बन कंपोज़िट शील्ड तैयार की गई है। यह शिल्ड 11.4 सेंटीमीटर की है। इससे 1377 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी एयरक्राफ्ट को सुरक्षा मिलेगी। मैरीलैंड में गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के नासा के एक शोध वैज्ञानिक एरिक ईसाई के मुताबिक, सूर्य के लिए उड़ान भरने के लिए हमारा पहला मिशन है। इसे निश्चित ताैर पर सूर्य के अधिक पास नहीं जाया जा सकेगा। लेकिन सूर्य को लेकर कुछ सवालों के उत्तर पाए जा सकते हैं।

 

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