भाजपा को कालाधन नहीं, ईमानदारी का पैसा चाहिए: अमित शाह


भोपाल: मध्य प्रदेश के 3 दिवसीय दौरे के पहले दिन भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ 9 घंटे की अलग-अलग 5 बैठकें की। शाह ने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों से कहा कि कामकाज में पारदर्शिता लाना आवश्‍यक है, संगठन चलाने के लिए भाजपा को कालाधन नहीं, ईमानदारी का पैसा चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए हमारा दायित्व बनता है कि पारदर्शिता बरती जाए, ताकि कोई हम पर उंगली न उठा सके। 

कार्यकर्ताओं के चंदे से ही चलाएं काम 
शाह ने कहा कि कोशिश की जाए कि बाहर से चंदा लिया ही नहीं जाए, कार्यकर्ताओं के चंदे से ही कामकाज चले। उन्होंने कहा कि जब मैं दिल्ली से देश भर के राज्यों का दौरा कर सकता हूं तो आप भी भोपाल से बाहर निकलकर प्रदेश के ब्लाक और बूथ लेवल तक दौरा करें, तभी संगठन मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी व्यक्ति के महिमा मंडन के लिए चलने वाली पार्टी नहीं है। देश की 1650 पार्टियों में सिर्फ कम्युनिस्ट और भाजपा ही ऐसे दो दल हैं जो सिद्धांत के आधार पर चलते हैं। 

परिश्रम और मेहनत से खड़ी है पार्टी
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सांसदों और विधायकों को नसीहत दी कि यह पार्टी लाखों कार्यकर्ताओं के परिश्रम और मेहनत से खड़ी हुई है, इसलिए हम सादगी और पारदर्शिता के भी हामी हैं। इसलिए चंदा लेने की जो पुरानी रीति चली आ रही है उस पर पूरी तरह से रोक लगे। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने 2012 से लेकर 2016 तक करीब 159 करोड़ रुपए का चंदा बिना कोई ब्योरा उपलब्ध कराए बिना लिया है। चंदा देने वालों इन लोगों द्वारा पैन, आधार या निवास की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

अन्‍य ख़बरें

सुविचार

Total Visit: 222239