CM योगी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, खुल सकता है 10 साल पुराना केस


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ 2007 में गोरखपुर में नफरत फैलाने वाला भाषण देने का एक मामला दर्ज है। इस मामले में जांच का आदेश न देने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे याचिकाकर्त्ताओं को अदालत ने दूसरी याचिका डालने की इजाजत दे दी है।

योगी आदित्यनाथ पर नफरत फैलाने वाला भाषण देने का आरोप था लेकिन राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पर मुकदमा चलाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट की 2 सदस्यीय पीठ ने सरकारी वकील का ये तर्क खारिज कर दिया कि मुख्य आरोपी राज्य का सीएम बन चुका है इसलिए अब उस पर केस नहीं चलाया जा सकता।

अदालत ने यूपी सरकार से पूछा था कि जब सरकार ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है तो याचिककर्त्ता के पास और क्या विकल्प रह जाता है। हाईकोर्ट 9 अगस्त को इस मामले पर अगली सुनवाई करेगा। 3 मई को योगी आदित्यनाथ सरकार ने आदित्यनाथ पर मुकदमा चलाने का आदेश देने से इनकार कर दिया था।

याचिकाकर्त्ता परवेज परवाज और असद हयात ने अपन मूल याचिका में मांग की थी कि इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए क्योंकि यूपी पुलिस जानबूझकर मामले को लटका रही है। परवेज ने सोमवार को कहा कि वो राज्य सरकार से अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग करेंगे। परवेज ने कहा कि वो गोरखपुर जिला प्रशासन से भी सुरक्षा मांगेंगे।

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